FaltaVictory – फलता सीट पर भाजपा की बड़ी जीत पर पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया
FaltaVictory – पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लोकतंत्र की मजबूती और जनता के स्पष्ट जनादेश का संकेत बताया है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने इस सीट पर एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

पीएम मोदी ने जनता के फैसले को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फलता की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है और भय तथा दबाव की राजनीति को जनता ने नकार दिया है। प्रधानमंत्री ने भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को रिकॉर्ड जीत के लिए बधाई देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की भी प्रशंसा की।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं का भाजपा के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है और यह परिणाम उसी का संकेत है।
भारी अंतर से दर्ज हुई जीत
चुनाव आयोग के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी माकपा के शंभू नाथ कुर्मी को 40 हजार से कुछ अधिक मत प्राप्त हुए। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला तीसरे स्थान पर रहे।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के प्रदर्शन को लेकर रही। उन्हें बेहद कम वोट मिले और वह चौथे स्थान पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, पुनर्मतदान से पहले उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के कारण उनका नाम ईवीएम में बना रहा।
पुनर्मतदान के बाद बदला समीकरण
फलता सीट पर पहले मतदान के दौरान कथित गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने कुछ बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था। पुनर्मतदान शांतिपूर्ण माहौल में पूरा हुआ और बड़ी संख्या में मतदाताओं ने हिस्सा लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोबारा मतदान के बाद इस सीट का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया। भाजपा ने इस बार उल्लेखनीय बढ़त हासिल की, जबकि तृणमूल कांग्रेस का वोट प्रतिशत काफी नीचे चला गया।
भाजपा के वोट प्रतिशत में बड़ा इजाफा
आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा को इस चुनाव में 71 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जो पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले काफी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस का मत प्रतिशत बहुत कम दर्ज किया गया।
फलता सीट लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। 2011 से इस सीट पर पार्टी लगातार जीत दर्ज करती आ रही थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी यहां पार्टी को मजबूत समर्थन मिला था, लेकिन इस बार नतीजे पूरी तरह अलग दिखाई दिए।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस परिणाम के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इसे जनता के बदलते राजनीतिक रुझान का संकेत बता रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदान से जुड़े कुछ मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि फलता सीट का परिणाम केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक रणनीतियों पर भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल सभी दल इस नतीजे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं और आगे की तैयारी में जुट गए हैं।