Politics – पंकजा मुंडे को कांग्रेस का समर्थन प्रस्ताव, मुख्यमंत्री पद का भी दिया संकेत
Politics– महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय नई चर्चा शुरू हो गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा नेता और राज्य सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि पंकजा मुंडे भारतीय जनता पार्टी से अलग होने का निर्णय लेती हैं, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब मुंडे ने हाल ही में सार्वजनिक मंच से सक्रिय राजनीति को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की थी।

कांग्रेस नेता ने सार्वजनिक रूप से रखा प्रस्ताव
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पंकजा मुंडे एक प्रभावशाली ओबीसी नेता हैं और यदि वह भाजपा छोड़ती हैं तो कांग्रेस उनके लिए अपने दरवाजे खुले रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर चाहते हैं कि पंकजा मुंडे राज्य की पहली ओबीसी महिला मुख्यमंत्री बनने की दिशा में आगे बढ़ें। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी सुझाव है और इसे कांग्रेस की आधिकारिक पेशकश नहीं माना जाना चाहिए।
अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के हाथ में
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी नेता को पार्टी में शामिल करने का निर्णय पार्टी आलाकमान ही लेता है। उनके पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वे औपचारिक रूप से सदस्यता का प्रस्ताव दें। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में पंकजा मुंडे भाजपा से अलग होने का फैसला करती हैं, तो वह कांग्रेस नेतृत्व से उनके नाम पर विचार करने का आग्रह करेंगे।
ओबीसी नेतृत्व को लेकर भाजपा पर टिप्पणी
अपने बयान के दौरान विजय वडेट्टीवार ने भाजपा पर ओबीसी नेताओं की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि कई पिछड़ा वर्ग के नेताओं को यह महसूस हो रहा है कि पार्टी में उनके योगदान को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंकजा मुंडे की हालिया टिप्पणियां संभवतः इसी प्रकार की राजनीतिक निराशा का परिणाम हो सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पंकजा मुंडे के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
कुछ दिन पहले परली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंकजा मुंडे ने क्षेत्र की विकास संबंधी समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि लंबे समय से कई मुद्दों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और वह लगातार इन्हीं परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति से थक चुकी हैं और कभी-कभी सक्रिय सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाने का विचार भी उनके मन में आता है।
राजनीति छोड़ने के संकेत पर बनी हुई है नजर
अपने संबोधन में पंकजा मुंडे ने यह भी कहा था कि यदि भविष्य में उन्हें लगे कि राजनीति उनके मूल विचारों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं रह गई है, तो वह इससे अलग होने का रास्ता चुन सकती हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने अब तक भाजपा छोड़ने या सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।