UdhayanidhiStalin – विवादित टिप्पणी पर घिरे उदयनिधि, खुशबू सुंदर ने जताई कड़ी आपत्ति
UdhayanidhiStalin– तमिलनाडु के विधायक उदयनिधि स्टालिन की एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की गई विवादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में भाजपा नेता और अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी महिला के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किसी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। इस बीच, मामले में पूछताछ के बाद पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को छोड़ दिया है और उन्हें अदालत से गिरफ्तारी पर राहत भी मिल चुकी है।

खुशबू सुंदर ने बयान पर जताई नाराजगी
एक समाचार चैनल से बातचीत में खुशबू सुंदर ने कहा कि उन्होंने पहले भी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) के नेताओं की ओर से महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणियां सुनी हैं। उनका कहना था कि राजनीति में मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला को निशाना बनाकर भाषा की मर्यादा तोड़ना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी महिलाओं के प्रति गलत सोच को दर्शाती है।
महिलाओं के सम्मान पर उठाए सवाल
खुशबू ने कहा कि किसी महिला के बारे में सार्वजनिक मंच से अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी नेता की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अपनी राजनीतिक बात रखने के लिए महिलाओं का नाम घसीटना क्यों जरूरी समझा जाता है। उनके मुताबिक, जो व्यक्ति अपनी बात बिना किसी महिला का अपमान किए नहीं रख सकता, वह अपने नेतृत्व की गंभीरता पर खुद सवाल खड़ा करता है।
डीएमके पर भी साधा निशाना
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी DMK के कुछ नेताओं की ओर से महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल होते देखा है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नई पीढ़ी के नेता होने के नाते उदयनिधि स्टालिन अलग उदाहरण पेश करेंगे, लेकिन इस घटना ने उन्हें निराश किया। खुशबू ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में असहमति व्यक्त करने के कई तरीके हैं, लेकिन व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी को लेकर दी चुनौती
खुशबू सुंदर ने कहा कि यदि कोई नेता स्वयं को मजबूत और सक्षम मानता है, तो उसे बिना किसी महिला पर टिप्पणी किए अपनी राजनीतिक बात रखनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक मंचों पर इस तरह की भाषा से समाज में गलत संदेश जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दल के नेताओं को महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर अधिक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेते हुए बयान दिया था। इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और मंगलवार को पुलिस ने उनसे पूछताछ की। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, जबकि अदालत से भी उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिल गई। पूछताछ के बाद उदयनिधि ने आरोप लगाया कि चेन्नई से तंजावुर तक उन्हें भारी पुलिस बल की निगरानी में सड़क मार्ग से ले जाया गया और उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
उदयनिधि ने दी अपनी सफाई
रिहा होने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की सभी महिलाओं को वे अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं और उनके प्रति सम्मान रखते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पूरे भाषण के बजाय केवल कुछ हिस्सों को सामने रखकर विवाद पैदा किया गया। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है