Cashless Treatment – यूपी के शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगी नई स्वास्थ्य सुविधा
Cashless Treatment – उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार जल्द ही परिषदीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित स्कूलों से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के कर्मियों तथा अन्य पात्र कर्मचारियों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। इस व्यवस्था का लाभ उनके आश्रित परिवारों को भी मिलेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग ने इस दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जिला स्तर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उद्देश्य यह है कि पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंच सके और इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम हो।
विभाग ने शुरू की तैयारी
नवनियुक्त बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कार्यभार संभालने के बाद इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए हैं ताकि योजना का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
इसके तहत अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को योजना की तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि बेहतर समन्वय से योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का होगा आयोजन
शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, योजना से जुड़े अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य योजना के संचालन, लाभार्थियों के पंजीकरण और उपचार प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी।
प्रशिक्षण में विभिन्न जिलों से नामित अधिकारी भाग लेंगे। इसके बाद वे अपने-अपने जिलों में योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों को जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे।
पांच लाख रुपये तक मिलेगा उपचार लाभ
सरकार द्वारा स्वीकृत इस स्वास्थ्य सुविधा के अंतर्गत पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक के उपचार की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार कराने का अवसर मिलेगा।
यह सुविधा गंभीर बीमारियों और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। योजना का मॉडल केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
शिक्षामित्र भी होंगे शामिल
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें शिक्षामित्रों को भी शामिल किया गया है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी मांग उठा रहे शिक्षामित्रों को अब इस सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले सभी वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
योजना लागू होने के बाद शिक्षामित्र भी निर्धारित अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें आपातकालीन और गंभीर चिकित्सा स्थितियों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवार के सदस्य भी होंगे लाभार्थी
स्वास्थ्य सुविधा केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी। उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी इस योजना के दायरे में शामिल होंगे। इससे परिवारों को चिकित्सा खर्चों से जुड़ी आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सकती है।
सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की योजना है, जिससे लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
सामाजिक सुरक्षा को भी मिलेगा बल
राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए स्वास्थ्य सुविधा के साथ अन्य सामाजिक सुरक्षा उपायों की भी घोषणा की है। इनमें जीवन बीमा और दुर्घटना सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इन कदमों का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों और उनके परिवारों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना है।
सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं कर्मचारियों के मनोबल को मजबूत करने में मदद करेंगी तथा उन्हें अपने कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर देंगी।
लाखों कर्मचारियों को होगा लाभ
शिक्षा विभाग से जुड़े बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोइये, विशेष शिक्षक और अन्य कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के सुविधा मिल सके।