CrimeCase – बेटियों की हत्या के आरोपी ने जेल में की आत्महत्या की कोशिश
CrimeCase – कानपुर की जेल में बंद दो जुड़वा बेटियों की हत्या के आरोपी शशिरंजन मिश्रा ने रविवार को आत्महत्या का प्रयास किया। उसने जेल परिसर के बाथरूम में स्टील की थाली को धारदार बनाकर अपनी गर्दन काट ली। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घायल अवस्था में उसे तुरंत उर्सला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

शशिरंजन मिश्रा मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है। वह कानपुर के नौबस्ता क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में परिवार के साथ किराये पर रहता था। जानकारी के अनुसार उसने प्रेम विवाह किया था और पहले चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम करता था। बाद में उसने नौकरी छोड़कर दवा सप्लाई का कारोबार शुरू कर दिया था।
अप्रैल में हुई थी जुड़वा बेटियों की हत्या
बीते 18 अप्रैल को शशिरंजन पर अपनी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों रिद्धि और सिद्धि की हत्या करने का आरोप लगा था। घटना के बाद उसने खुद पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मामले ने उस समय पूरे शहर को झकझोर दिया था।
रविवार को जेल में दोपहर का भोजन करने के बाद वह बाथरूम गया और वहीं अपनी गर्दन काट ली। कुछ देर बाद उसकी चीख सुनकर अन्य बंदी मौके पर पहुंचे। जब तक सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे, वह खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जेल प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद जेल प्रशासन ने आरोपी को विशेष निगरानी में रखने का फैसला लिया है। जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर आरोपी मानसिक तनाव से गुजरता दिखाई दे रहा है। जेल में उसका इलाज भी चल रहा था। उन्होंने कहा कि अब उसकी गतिविधियों पर अतिरिक्त नजर रखी जाएगी।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक गर्दन पर गंभीर चोट जरूर आई है, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
थाली को धीरे-धीरे बनाया धारदार
जेल प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी स्टील की थाली को लगातार रगड़कर तेज किया था। कैदियों को खाने के लिए जो स्टील की थालियां दी जाती हैं, उन्हें वे खुद साफ करते हैं। सुरक्षाकर्मियों को लगा कि वह सामान्य तरीके से बर्तन साफ कर रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि वह उसी थाली को धारदार बना रहा था।
जेल अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के व्यवहार से पहले ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला था कि वह खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। अब मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
मानसिक तनाव और आवाजें सुनने का दावा
पूछताछ के दौरान शशिरंजन ने दावा किया था कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में है। उसने आरोप लगाया कि कुछ लोग उसे परेशान करते थे और फ्लैट से जुड़े पैसों के विवाद में लगातार धमकियां मिल रही थीं। उसने यह भी कहा था कि उसे कई बार अजीब आवाजें सुनाई देती थीं और उसे महसूस होता था कि कुछ लोग हर समय उसे घेरे हुए हैं।
पुलिस और जेल प्रशासन अब उसके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।