HealthInfrastructure – उत्तर प्रदेश में कैंसर उपचार और ट्रॉमा नेटवर्क को मिलेगा नया विस्तार
HealthInfrastructure – उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में नई कार्ययोजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यभर में कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार करने और सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात स्थितियों में समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें मरीजों को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

उच्चस्तरीय बैठक में हुई योजनाओं की समीक्षा
शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर टास्क फोर्स तथा उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (UPTEN) की प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों का विस्तृत मूल्यांकन कर चरणबद्ध, समयबद्ध और परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को केवल इलाज तक सीमित न रखते हुए रोकथाम, समय पर पहचान, पुनर्वास, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी बल दिया।
हर जिले में कैंसर उपचार सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से कैंसर उपचार की सुविधाएं विकसित की जाएं, जबकि प्रत्येक मंडल में आधुनिक कैंसर केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान, नियमित स्क्रीनिंग और गुणवत्तापूर्ण उपचार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तंबाकू से जुड़े कैंसर के मामलों को कम करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने और मरीजों की जांच से लेकर उपचार एवं फॉलोअप तक की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया गया।
आपात चिकित्सा सेवाओं को मिलेगा तकनीकी सहयोग
बैठक में ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना या अन्य गंभीर परिस्थितियों में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरे प्रदेश में एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जाए। मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, ट्रॉमा केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल रेफरल प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। इससे एम्बुलेंस, अस्पतालों में उपलब्ध बेड और विशेषज्ञ चिकित्सकों की जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध कराई जा सकेगी।
एक्सप्रेसवे और राजमार्गों पर विशेष व्यवस्था
सरकार सड़क दुर्घटनाओं की अधिक संभावना वाले क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर त्वरित चिकित्सा सहायता को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। उद्देश्य यह है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर मरीज तक चिकित्सा सहायता पहुंच सके, जिससे गंभीर मामलों में मृत्यु दर कम करने में मदद मिल सके। इसके लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वित व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञ मानव संसाधन पर भी रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी। मेडिकल शिक्षा संस्थानों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कैंसर से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या और देर से पहचान की समस्या को देखते हुए वर्ष 2026 से 2036 तक के लिए राज्य स्तर पर 10 वर्षीय कैंसर रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से उपचार और रोकथाम दोनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक सुधार का लक्ष्य रखा गया है।