Infrastructure – लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बनेगा नया इंटरचेंज, बदलेगी यातायात व्यवस्था
Infrastructure– लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के आजाद मार्ग चौराहे के पास आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) यहां आउटर रिंग रोड को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक आधुनिक इंटरचेंज विकसित करने की तैयारी कर रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इस क्षेत्र में ट्रैफिक संचालन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य वर्ष 2028 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है।

जाम की समस्या से मिलेगी राहत
वर्तमान में आजाद मार्ग चौराहे के पास एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकास के लिए सीमित लेन उपलब्ध होने के कारण व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। अधिकारियों का मानना है कि नया इंटरचेंज बनने के बाद वाहनों का आवागमन बिना रुकावट होगा और इस स्थान पर लगने वाले जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
आउटर रिंग रोड से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
करीब 93 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित आउटर रिंग रोड कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को आपस में जोड़ेगी। इसके एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी। यह परियोजना आगे चलकर गंगा एक्सप्रेसवे तथा कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज राष्ट्रीय राजमार्गों से भी बेहतर संपर्क उपलब्ध कराएगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्नाव के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ लखनऊ के सरोजनीनगर, अमौसी और नादरगंज स्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी तेज और आसान परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
टोल व्यवस्था में भी होगा बदलाव
परियोजना के तहत मौजूदा आजाद नगर टोल प्लाजा की व्यवस्था में भी परिवर्तन किया जा सकता है। फिलहाल लखनऊ की ओर बैरियरलेस टोल प्रणाली लागू है, जबकि उन्नाव की ओर अभी बैरियर के माध्यम से टोल वसूला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी परीक्षण सफल रहने पर उन्नाव में भी आधुनिक बैरियरलेस टोल सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही और तेज होगी।
रक्षा कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मिलेगी गति
प्रस्तावित इंटरचेंज और आउटर रिंग रोड का लाभ रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं को भी मिलेगा। उन्नाव और आसपास विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है और क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।