DonationTheft – बदरीनाथ चढ़ावा जांच में कई बार हेराफेरी के संकेत, रिपोर्ट सौंपी…
DonationTheft – बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच पूरी हो गई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) को सौंप दी है। प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, जांच में संबंधित कर्मचारी की गतिविधियां एक से अधिक अवसरों पर संदिग्ध पाई गई हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

जांच रिपोर्ट में कई अहम तथ्य सामने आए
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसमें 2 जुलाई को संबंधित कर्मचारी कई बार नोट लेकर जाते हुए दिखाई दिया। जांच के दौरान 29 जून की रिकॉर्डिंग में भी उसकी गतिविधियां संदेह के दायरे में पाई गईं। उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के बाद आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे।
सीमित अवधि की फुटेज ही उपलब्ध हो सकी
सूत्रों के अनुसार जांच टीम को घटना की तारीख से केवल 14 दिन पहले तक की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग ही मिल सकी। इसका कारण पुराने कैमरों की सीमित स्टोरेज क्षमता बताई गई है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि उपलब्ध रिकॉर्डिंग के कुछ हिस्सों में ऐसी गतिविधियां दिखाई दीं, जिन्हें जांच टीम ने महत्वपूर्ण माना है। इसी आधार पर भविष्य में बेहतर निगरानी व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर परिसर की सुरक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें दान गणना कक्ष और परिक्रमा मार्ग के सभी ब्लाइंड स्पॉट पर अतिरिक्त हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की सिफारिश शामिल है। समिति का मानना है कि बेहतर निगरानी से इस तरह की घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दान गणना के लिए नए नियम प्रस्तावित
रिपोर्ट में दान की गिनती के दौरान शामिल कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले निर्धारित ड्रेस कोड लागू करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन, पर्स और अन्य निजी सामान को गणना कक्ष के बाहर रखने की व्यवस्था करने की भी सिफारिश की गई है। समिति ने यह भी कहा है कि पूरी प्रक्रिया मंदिर अधिकारी या सहायक मंदिर अधिकारी की निगरानी में संपन्न होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की भागीदारी की परंपरा जारी रखने की बात कही गई है, लेकिन उनके प्रवेश और सामान के लिए अलग रजिस्टर तथा स्पष्ट नियम बनाने की भी सलाह दी गई है।
सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए अलग टीम की जरूरत
जांच रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि दानपात्रों को लाने, खोलने, नकदी निकालने, नोटों की गिनती, बंडल तैयार करने और बैंक को सौंपने तक की पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी सीसीटीवी कंट्रोल रूम से की जाए। इसके लिए विशेष कर्मचारियों की तैनाती की सिफारिश की गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके और समय रहते आवश्यक कार्रवाई संभव हो।