Robbery Case – नगर निगम कर्मचारी बनकर घुसे बदमाश, बुजुर्ग महिला को बनाया शिकार
Robbery Case– देहरादून के रायपुर क्षेत्र में अकेली रह रही एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर की गई लूट की वारदात का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर घर में दाखिल हुए दो युवकों ने महिला को बंधक बनाकर नकदी, आभूषण और मोबाइल लूट लिया था। पुलिस ने व्यापक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया।

पहचान छिपाने के लिए पहले बंद किए सीसीटीवी
पुलिस के अनुसार, घटना रविवार दोपहर रायपुर थाना क्षेत्र की गढ़वाली कॉलोनी में हुई। 65 वर्षीय भुवनेश्वरी देवी उस समय घर पर अकेली थीं। इसी दौरान दो युवक सफाई व्यवस्था की जांच का हवाला देते हुए नगर निगम कर्मी बनकर उनके घर पहुंचे। भीतर प्रवेश मिलते ही उन्होंने सबसे पहले घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया, ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। इसके बाद महिला को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की और कानों के कुंडल, सोने की अंगूठी, तीन हजार रुपये नकद तथा मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।
65 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामला दर्ज होने के बाद रायपुर थाना पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 65 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज के विश्लेषण के दौरान दो संदिग्धों की पहचान हुई। जांच में सामने आया कि उनमें से एक आरोपी पीड़िता के पड़ोस में रहने वाला युवक है, जिसे महिला की दिनचर्या और घर की स्थिति की पहले से जानकारी थी।
नशे की लत पूरी करने के लिए बनाई थी योजना
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि दोनों प्लंबर का काम करते हैं और नशे की लत के कारण पैसों की जरूरत थी। मुख्य आरोपी सागर सिंह रावत को यह मालूम था कि बुजुर्ग महिला अक्सर घर में अकेली रहती हैं। इसी जानकारी का लाभ उठाकर उसने अपने साथी अंकित गुप्ता के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आर्थिक जरूरत और नशे के खर्च के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
लूटा गया सामान बरामद, दोनों भेजे गए जेल
पुलिस ने सोमवार को रायपुर क्षेत्र के सीक्यूआई जंगल इलाके से सागर सिंह रावत और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से लूटे गए आभूषण, नकदी और मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी सामान बेचने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। अदालत में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
फायरिंग मामले में भी जारी है पुलिस की कार्रवाई
उधर, देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में पीजी संचालक पर हुई फायरिंग के मामले में भी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविवार तड़के स्वस्तिक कैफे के बाहर पीजी संचालक सन्नी पर उनके परिचितों ने गोली चलाई थी। घटना के बाद नामजद आरोपी शुभम, युवराज और उनके अन्य साथी फरार हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कई टीमों को तलाश में लगाया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।