TMCPolitics – संसद कैंटीन की तस्वीरों से बढ़ी सियासी चर्चा, टीएमसी नेताओं ने दी सफाई
TMCPolitics- संसद की कैंटीन में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ दिखाई देने वाली तस्वीरों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि, संबंधित नेताओं ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सामान्य मुलाकात बताया है।

तस्वीरों के बाद तेज हुई राजनीतिक अटकलें
संसद परिसर की कैंटीन में एक ही मेज पर बैठे नेताओं की तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या तृणमूल कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता भाजपा के संपर्क में हैं। तस्वीरों में सौगत रॉय, शत्रुघ्न सिन्हा, अमित शाह और जेपी नड्डा एक साथ नजर आए, जिसके बाद राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी दलों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से दलबदल जैसी संभावना की पुष्टि नहीं की गई है।
सौगत रॉय ने राजनीतिक चर्चा से किया इनकार
विवाद बढ़ने के बाद सौगत रॉय ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि कैंटीन में उनकी अमित शाह या जेपी नड्डा के साथ किसी भी प्रकार की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई। उनके अनुसार, वे पहले से वहां बैठे थे और बाद में भाजपा के वरिष्ठ नेता उसी मेज पर आकर कुछ समय के लिए बैठे तथा फिर चले गए। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है और वे अन्य दलों में गए नेताओं को वापस आने का संदेश दे रहे हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने पुरानी मित्रता का दिया हवाला
आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि जेपी नड्डा उनके पुराने मित्र हैं और संसद में इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें सामान्य बात हैं। उनके मुताबिक, केवल एक साथ बैठकर भोजन करने या बातचीत करने से किसी राजनीतिक फैसले का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
पार्टी के अन्य नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी और नेता कुणाल घोष ने भी इस पूरे विवाद को बेवजह का बताया। उनका कहना है कि संसद और विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों में अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना-जुलना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे राजनीतिक बदलाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने तस्वीरों को लेकर अलग संकेत दिए। उन्होंने कहा कि तस्वीरों को देखकर ऐसा लग सकता है कि कुछ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हो रही हो, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बारे में उनके पास कोई ठोस जानकारी नहीं है।
फिलहाल अटकलों पर नहीं लगी आधिकारिक मुहर
तस्वीरों के वायरल होने के बावजूद अब तक न तो तृणमूल कांग्रेस और न ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से किसी संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में मौजूदा स्थिति केवल अटकलों और चर्चाओं तक सीमित है। संबंधित नेताओं के सार्वजनिक स्पष्टीकरण के बाद भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक घटनाक्रम का इंतजार करना होगा।