MaharashtraPolitics – अभिजीत दीपके से मिले बच्चू कडू, लोकतांत्रिक आंदोलन का किया समर्थन
MaharashtraPolitics– महाराष्ट्र में एक जनआंदोलन को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बनी हुई है। शिवसेना के विधान परिषद सदस्य बच्चू कडू ने गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की। इस मुलाकात ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि कुछ दिन पहले राज्य सरकार में मंत्री संजय शिरसाट भी दीपके और उनके परिवार से मिल चुके हैं तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग उठा चुके हैं।

बच्चू कडू ने मुलाकात को बताया व्यक्तिगत
मीडिया से बातचीत में बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि उनका दौरा किसी सरकारी या दलगत कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में दूसरे आंदोलनकारी से मिलने पहुंचे हैं। कडू ने अभिजीत दीपके द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और इस पहल के लिए उन्हें बधाई दी जानी चाहिए।
धमकियों के मुद्दे पर भी रखी राय
अभिजीत दीपके को कथित रूप से मिल रही धमकियों के सवाल पर बच्चू कडू ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को डराने या दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है तो संबंधित लोगों से संवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन करना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं माना जा सकता।
पहले भी समर्थन में सामने आए थे संजय शिरसाट
इससे पहले राज्य के मंत्री संजय शिरसाट भी दीपके के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि अभिजीत दीपके को सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए और इस संबंध में वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी चर्चा करेंगे। शिरसाट के अनुसार परिवार स्वाभाविक रूप से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और सरकार को इस पहलू पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
परिवार और आंदोलन से जुड़ी जानकारी
संजय शिरसाट ने बताया था कि अभिजीत दीपके ने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त की है और उन्हें अमेरिका में नौकरी का अवसर भी मिला था। हालांकि उन्होंने पेशेवर करियर के बजाय छात्रों और सामाजिक मुद्दों पर काम करने का रास्ता चुना। मंत्री के अनुसार दीपके के माता-पिता चाहते थे कि वह नौकरी करें, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक हित से जुड़े विषयों पर सक्रिय रहने का निर्णय लिया।
आंदोलन को लेकर की सराहना
शिरसाट ने यह भी कहा था कि छात्रों से जुड़े आंदोलन के दौरान उठाई गई कई मांगों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। उनके मुताबिक इस पूरे अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला और इसकी सबसे बड़ी ताकत आम लोगों की भागीदारी रही। उन्होंने यह भी कहा कि अभिजीत दीपके ने इस पहल का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं की, बल्कि इसे सामाजिक उद्देश्य तक सीमित रखा।
राजनीतिक हलकों में बनी चर्चा
लगातार दो वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके और उनके आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि बच्चू कडू ने दोहराया कि उनकी यात्रा का मकसद केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में समर्थन और संवाद करना था। वहीं सरकार की ओर से सुरक्षा संबंधी मांग और आंदोलन को लेकर दिए गए बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना दिया है।