CropDamage – जलभराव से धान की फसल प्रभावित, किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग
CropDamage- कुशीनगर जिले की कसया तहसील के महूई बुजुर्ग गांव में लगातार हुई बारिश के बाद खेतों में जलभराव से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आई है। ग्राम प्रधान एवं प्रशासक अनीता देवी ने क्षेत्रीय विधायक पी.एन. पाठक को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित खेतों का राजस्व विभाग से सर्वे कराने और किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

सैकड़ों किसानों की फसल प्रभावित होने का दावा
ज्ञापन में बताया गया है कि हाल की बारिश के कारण महूई बुजुर्ग और उससे जुड़े भैंसा डाबर टोले के कई खेत लंबे समय से पानी में डूबे हुए हैं। इससे बड़ी संख्या में किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण फसल खराब होने की आशंका लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों की आर्थिक चिंता भी गहरा गई है।
सर्वे कराकर राहत देने की मांग
ग्राम प्रधान ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। उनका कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय पर कार्रवाई होने से किसानों को कुछ राहत मिल सकेगी।
नदी की सफाई न होने से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों ने जलभराव की एक वजह गांव से होकर गुजरने वाली हिरण्यवती नदी की सफाई समय पर न होना भी बताया है। उनका कहना है कि नदी में गाद और अवरोध होने से वर्षा का पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा है, जिसके कारण आसपास के कृषि क्षेत्र लंबे समय तक जलमग्न बने रहते हैं। किसानों का मानना है कि यदि नदी की नियमित सफाई कराई जाए तो भविष्य में ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
किसानों में बढ़ी चिंता
धान की खेती इस क्षेत्र के किसानों की आय का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। ऐसे में फसल को हुए नुकसान ने प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई और नुकसान का आकलन नहीं हुआ, तो उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।