PMSHRI – केरल में सरकारी स्कूलों में पीएम श्री योजना लागू करने पर बनी यूडीएफ की सहमति
PMSHRI– केरल में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सरकारी स्कूलों में केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। यह फैसला इसलिए चर्चा में है क्योंकि अतीत में यही गठबंधन इस योजना का विरोध करता रहा था। अब सरकार का कहना है कि पहले से हुए समझौते और शिक्षा क्षेत्र के लिए उपलब्ध केंद्रीय वित्तीय सहायता को देखते हुए योजना को आगे बढ़ाना व्यावहारिक कदम है।

पहले हुए समझौते का दिया गया हवाला
यूडीएफ की बैठक के बाद गठबंधन के संयोजक और कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में केंद्र के साथ इस योजना को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके थे। ऐसे में मौजूदा सरकार के लिए उससे पीछे हटना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली राशि राज्यों का अधिकार है और इसे किसी प्रकार की अनुकंपा या विशेष सहायता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही, किन सरकारी स्कूलों को इस योजना में शामिल किया जाएगा, इसके लिए एक उप-समिति गठित की जाएगी।
विपक्ष में रहते हुए जताई थी आपत्ति
यूडीएफ का यह फैसला उसके पहले के रुख से अलग माना जा रहा है। जब गठबंधन विपक्ष में था, तब उसने तत्कालीन एलडीएफ सरकार पर आरोप लगाया था कि केंद्र के साथ समझौता कर राज्य की शिक्षा व्यवस्था में वैचारिक हस्तक्षेप का रास्ता खोला जा रहा है। उस समय कांग्रेस सहित कई नेताओं ने इस योजना को लेकर सार्वजनिक रूप से कड़ी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
सहयोगी दल का बदला नजरिया
यूडीएफ की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के रुख में भी बदलाव देखने को मिला है। वर्तमान सरकार में शिक्षा विभाग इसी दल के पास है। पहले पार्टी ने संकेत दिए थे कि सत्ता में आने पर योजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अब उसका कहना है कि यदि राज्य की शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम पर नियंत्रण बना रहता है, तो केंद्रीय सहायता का लाभ लेने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
आर्थिक चुनौतियों का भी पड़ा असर
राज्य सरकार के इस निर्णय के पीछे वित्तीय परिस्थितियों को भी अहम कारण माना जा रहा है। केरल इस समय आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी देनदारियां लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में केंद्र से मिलने वाले वित्तीय सहयोग को राज्य के लिए उपयोगी माना जा रहा है। पिछले महीने भी सरकार ने संकेत दिए थे कि राज्य के अधिकार सुरक्षित रहने की स्थिति में योजना लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
योजना से जुड़ी प्रमुख जानकारी
पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों के विकास और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाता है। इस योजना में अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं की तरह राज्यों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करना होता है। केरल में पहले से 33 केंद्रीय विद्यालय और 14 नवोदय विद्यालय इस योजना का हिस्सा हैं। वहीं देशभर के 776 जिलों में 13,000 से अधिक विद्यालय इस पहल से जुड़ चुके हैं।
एलडीएफ ने सरकार पर साधा निशाना
यूडीएफ के फैसले के बाद विपक्षी एलडीएफ ने सरकार की आलोचना की है। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि जब उनकी सरकार ने केंद्र के साथ समझौता किया था, तब कांग्रेस ने इसका तीखा विरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि एलडीएफ सरकार ने योजना के तहत कोई वित्तीय लाभ नहीं लिया था। गोविंदन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अपने पुराने रुख से पीछे हट गई है और इस मुद्दे पर राजनीतिक रूप से अलग रास्ता अपना रही है।