UDAN – क्षेत्रीय हवाई सेवा की रफ्तार धीमी, कई एयरपोर्ट और रूट संचालन से बाहर…
UDAN- देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई उड़ान (UDAN) योजना के तहत कई नए एयरपोर्ट और हवाई मार्ग विकसित किए गए, लेकिन हालिया सरकारी आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में रूट अपेक्षित यात्री नहीं मिलने के कारण बंद हो चुके हैं। कुछ नए हवाई अड्डों पर भी उड़ानों की संख्या में कमी दर्ज की गई है, जिससे योजना की व्यावहारिक चुनौतियां सामने आई हैं।

कई हवाई मार्ग तय समय से पहले बंद
सरकार के अनुसार 10 जुलाई तक उड़ान योजना के तहत देशभर में कुल 679 हवाई मार्ग शुरू किए गए थे। इनमें से 348 मार्गों पर नियमित उड़ानें जारी हैं, जबकि 165 रूट वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही बंद करने पड़े। सरकार का कहना है कि कई मार्गों पर यात्रियों की संख्या अनुमान से काफी कम रही, जिससे एयरलाइंस के लिए सेवाओं का संचालन आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रहा। इसके साथ ही अपेक्षाकृत अधिक टिकट कीमतों ने भी मांग को प्रभावित किया।
जेवर एयरपोर्ट पर उड़ानों में आई कमी
उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी उड़ानों की संख्या पहले की तुलना में घट गई है। शुरुआती चरण में जहां 17 शहरों के लिए सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है। इसी तरह प्रतिदिन संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या भी लगभग 36 से कम होकर 28 से 30 के बीच पहुंच गई है। इससे संकेत मिलता है कि नए हवाई अड्डों पर यात्री मांग के अनुसार संचालन को संतुलित करने की प्रक्रिया जारी है।
कुशीनगर एयरपोर्ट पर नहीं मिल रहे यात्री
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष यहां से कोई नियमित उड़ान संचालित नहीं हुई और मौजूदा वर्ष में भी स्थिति में विशेष बदलाव नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि इस एयरपोर्ट के विस्तार और विकास पर 108.22 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन फिलहाल पर्याप्त यात्री नहीं मिलने से इसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
सरकार ने नई रणनीति का किया ऐलान
केंद्र सरकार ने बताया कि 4 जुलाई 2026 से संशोधित उड़ान योजना लागू की गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य अगले दस वर्षों में 120 नए अविकसित और कम सेवा वाले गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। सरकार का लक्ष्य करीब चार करोड़ यात्रियों तक किफायती हवाई यात्रा की सुविधा पहुंचाना है। इसके लिए राज्यों द्वारा प्रस्तावित हवाई अड्डों के विकास में ‘Challenge Mode’ प्रणाली अपनाई जाएगी, ताकि परियोजनाओं का चयन आवश्यकता और संभावनाओं के आधार पर किया जा सके।
नए रूट शुरू करने की तैयारी
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि मुरादाबाद-लखनऊ रूट के संचालन की जिम्मेदारी अब स्काईहॉप कंपनी को सौंपी गई है। इसके अलावा मुरादाबाद को कानपुर, हिंडन, सहारनपुर और देहरादून से जोड़ने के लिए भी नई उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना बनाई गई है। इन रूटों के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
संचालन में आ रही प्रमुख चुनौतियां
सरकार के मुताबिक छोटे हवाई अड्डों पर विमान ईंधन भरने की सुविधा का अभाव एक बड़ी समस्या है। ऐसे में विमानों को बड़े एयरपोर्ट से ईंधन लेकर उड़ान भरनी पड़ती है, जिससे परिचालन लागत बढ़ जाती है। इसके अलावा कई मार्गों पर यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम रहना, टिकटों का अपेक्षाकृत महंगा होना और एयरपोर्ट तक सड़क या सार्वजनिक परिवहन की सीमित कनेक्टिविटी भी क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार में बाधा बन रही है।