BlackSea – काला सागर में जहाजों पर हमलों पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
BlackSea– काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर भारत ने अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी पक्ष की ओर से किया गया हमला स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं की निंदा करते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
हाल के दिनों में काला सागर में विदेशी झंडे वाले कई व्यापारिक जहाज हमलों की चपेट में आए हैं। इन घटनाओं में पांच भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर 13 भारतीय नाविक फंसे होने की जानकारी भी सामने आई है। इन घटनाओं को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
बातचीत में शांति और सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि बातचीत के दौरान उन्होंने काला सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और भारतीय नाविकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराए जा सकते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों का असर ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव विकासशील देशों पर दिखाई दे रहा है।
यूक्रेन ने भारत से सहयोग की अपील की
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी इस वार्ता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच मौजूदा हालात और शांति प्रयासों पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत से संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से चल रही कूटनीतिक कोशिशों में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई। यूक्रेन का कहना है कि काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक खाद्य और ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत की नीति बरकरार
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह रूस और यूक्रेन के बीच विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से निकालने का समर्थन करता है। विदेश मंत्री ने वार्ता के दौरान भी इसी दृष्टिकोण को दोहराया। भारत लगातार दोनों पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील करता रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद को ही सबसे प्रभावी विकल्प मानता है।
बदलते हालात पर बनी हुई है नजर
हाल के दिनों में यूक्रेन की ओर से भारत को काला सागर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया गया था। यूक्रेन लंबे समय से चाहता रहा है कि भारत अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक संवाद के माध्यम से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाए। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई ताजा बातचीत को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संपर्क माना जा रहा है। फिलहाल भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की निर्बाध आवाजाही को प्राथमिकता बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।