ParliamentSession – विपक्ष की मांगों के बीच संसद में जारी गतिरोध, कई अहम मुद्दों पर होगा टकराव
ParliamentSession– संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर चर्चा कराए बिना सदन को सामान्य रूप से चलने देना मुश्किल होगा। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को भी संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर विपक्ष के सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी लोकतांत्रिक परंपराओं का हिस्सा है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को संसद और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेही निभानी चाहिए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सवाल उठाया कि पिछले सत्रों में सक्रिय रहने वाले गृह मंत्री इस बार सदन में कम क्यों दिखाई दे रहे हैं।
हंगामे के बीच सरकार ने आगे बढ़ाया विधायी कामकाज
संसद में लगातार शोर-शराबे के बावजूद सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर कार्रवाई जारी रखी। लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने संबंधी विधेयक को बिना विस्तृत चर्चा के पारित कर दिया। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नया बैंकिंग विधेयक भी पेश किया, जिसका उद्देश्य पुराने कानून की जगह आधुनिक व्यवस्था लागू करना है। प्रस्तावित कानून के तहत डिजिटल और क्लाउड आधारित बैंकिंग रिकॉर्ड को न्यायिक प्रक्रिया में वैध साक्ष्य के रूप में मान्यता देने का प्रावधान किया गया है।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सार्वजनिक मंचों पर चर्चा का अवसर नहीं मिलने की बात करता है, जबकि सदन में उपलब्ध अवसरों का पूरा उपयोग नहीं करता। रिजिजू ने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर बहस की आवश्यकता है, लेकिन विपक्ष लगातार विरोध प्रदर्शन में व्यस्त है, जिससे संसदीय कामकाज प्रभावित हो रहा है।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में भी नहीं बनी सहमति
संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में भी सरकार और विपक्ष के बीच किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और कांग्रेस के कोडिकुन्निल सुरेश ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान मामले पर चर्चा कराने की मांग दोहराई। इस प्रस्ताव को शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी-एसपी और अन्य विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया।
संसद परिसर में विपक्ष का संयुक्त प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही के समानांतर संसद परिसर में भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, महुआ मोइत्रा, दीपेंद्र हुड्डा, मनीष तिवारी, गुरजीत औजला और अन्य कई सांसद मौजूद रहे। विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही नीट परीक्षा विवाद, अयोध्या से जुड़ा कथित दान मामला और कावेरी जल विवाद जैसे मुद्दों पर अलग-अलग विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।