Infrastructure – दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पुल में दिखीं दरारें, जांच की मांग तेज…
Infrastructure– दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के एक पुल पर दरारें दिखाई देने के बाद इसकी निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। करीब तीन महीने पहले शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे के बड़गांव इंटरचेंज स्थित पुल में बारिश के दौरान दरारों से पानी रिसने की तस्वीरें सामने आने पर लोगों ने चिंता जताई। सूचना मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें आने के बाद बढ़ी चर्चा
देवबंद-नानौता मार्ग के ऊपर बने पुल के निचले हिस्से में दरारें दिखाई देने पर स्थानीय ग्रामीणों ने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। बारिश के दौरान इन दरारों से पानी टपकता नजर आने के बाद राहगीरों और आसपास के लोगों के बीच पुल की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई। इसके बाद एनएचएआई की टीम ने निरीक्षण कर प्रभावित हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू कराया।
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हों, उसमें शुरुआती महीनों में ही मरम्मत की जरूरत पड़ना चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका मानना है कि यदि शुरुआती चरण में ही ऐसी स्थिति सामने आ रही है, तो भविष्य में भी इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
एनएचएआई ने दी तकनीकी सफाई
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर शिवमोहन ने स्पष्ट किया कि पुल में दिखाई दे रही दरारें संरचनात्मक क्षति का संकेत नहीं हैं। उनके अनुसार, निर्माण के दौरान सीमेंट में यदि मिट्टी का कोई अत्यंत सूक्ष्म कण रह जाता है तो बारिश के समय पानी के प्रभाव से वह बाहर निकल सकता है। इससे सतह पर हल्की दरारें दिखाई देती हैं, जिन्हें तकनीकी प्रक्रिया के तहत पंचिंग कर भर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मरम्मत सामान्य रखरखाव का हिस्सा है और इससे पुल की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता।
यातायात सामान्य, सुरक्षा पर भरोसा दिलाया
एनएचएआई के अनुसार एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और पुल पर किसी प्रकार का संरचनात्मक खतरा नहीं पाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक मरम्मत पूरी की जा रही है तथा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की है।
लोगों ने तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की
हालांकि अधिकारियों की ओर से स्थिति सामान्य बताए जाने के बावजूद कई राहगीरों और स्थानीय नागरिकों की चिंता अभी भी बनी हुई है। उनका कहना है कि पुल में दरारें दिखने और तत्काल मरम्मत शुरू होने से स्वाभाविक रूप से सवाल पैदा हुए हैं। लोगों का सुझाव है कि एनएचएआई यदि निरीक्षण और तकनीकी जांच की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करे तो आम नागरिकों के बीच बनी शंकाएं दूर हो सकती हैं और परियोजना की गुणवत्ता को लेकर भरोसा और मजबूत होगा।