Weather Alert – उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, थमी केदारनाथ यात्रा…
Weather Alert- उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने पर्वतीय और मैदानी दोनों इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर भूस्खलन, सड़क बंद होने और जलभराव जैसी स्थितियां सामने आई हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए आठ जिलों में भारी वर्षा और फ्लैश फ्लड की आशंका जताते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन से यात्रा रोकी गई
लगातार बारिश के चलते सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच केदारनाथ हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने फिलहाल केदारनाथ यात्रा रोक दी है। लौट रहे लगभग 600 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है, जबकि करीब 250 यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही मार्ग का निरीक्षण कर यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
कई जिलों में सड़कें बंद, आवाजाही प्रभावित
भारी वर्षा के कारण राज्यभर में 91 सड़कें बंद होने की सूचना है। मुनकटिया क्षेत्र में मलबा आने से केदारनाथ मार्ग बाधित हो गया है। वहीं पैदल यात्रा मार्ग पर छौड़ी, जंगलचट्टी और चीरबासा के आसपास भी बोल्डर और मलबा गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। कुमाऊं क्षेत्र में तवाघाट-लिपुलेख हाईवे पर मल्लघाट के पास हुए भूस्खलन के कारण यातायात कई घंटे प्रभावित रहा, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
आठ जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के जिला प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संभावित फ्लैश फ्लड और भूस्खलन को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है।
किमाणा गांव में बढ़ा खतरा
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र स्थित किमाणा गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी दरकने से हालात गंभीर बने हुए हैं। पहाड़ी से बहकर आ रहे मलबे और बड़े पत्थरों की वजह से सात आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। गांव के संपर्क मार्ग, खेती तक जाने वाले रास्ते और पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, मलबा कई घरों के आंगन और कमरों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
हरिद्वार और यमुनोत्री क्षेत्र में भी असर
हरिद्वार में तेज बारिश के दौरान खड़खड़ी क्षेत्र की सूखी नदी में अचानक पानी बढ़ने से रपटे पर खड़ी दो कारें बह गईं। पानी का बहाव कम होने के बाद दोनों वाहनों को बाहर निकाल लिया गया। दूसरी ओर, स्याना चट्टी और राना चट्टी के बीच भू-धंसाव के कारण कई पेड़ यमुनोत्री हाईवे पर गिर गए, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में मार्ग को साफ कर आवाजाही बहाल कर दी गई।
देहरादून में दो मासूम बहनों की जान गई
देहरादून के क्लेमनटाउन क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। नई बस्ती इलाके में खेलते समय सात वर्षीय लक्ष्मी और तीन वर्षीय सोनाक्षी तेज बहाव वाली नाली में बह गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और राहत टीम ने तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद दोनों बच्चियों के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चियों की मां मजदूरी के दौरान घर से बाहर थीं, जबकि उनके पिता किसी कार्य से गांव गए हुए थे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।