Investigation – एंजेल चकमा हत्याकांड में मुख्य आरोपी के खिलाफ जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस
Investigation – देहरादून के चर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी को भारत लाने की प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश और प्रत्यर्पण की कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी घटना के बाद से नेपाल में छिपा हुआ है और उसे वापस लाने के लिए संबंधित प्रक्रियाएं लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं।

नेपाल में छिपे होने की पुष्टि के बाद बढ़ी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वारदात के तुरंत बाद से यज्ञराज अवस्थी फरार है। जांच के दौरान उसके नेपाल पहुंचने के संकेत मिले थे, जिसके बाद दून पुलिस ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की। विकासनगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब नेपाल की संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना पहले की तुलना में अधिक मजबूत मानी जा रही है।
घटना को लेकर जांच में सामने आए तथ्य
एंजेल चकमा पर पिछले वर्ष देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में हमला किया गया था। शुरुआती दौर में इस मामले को लेकर नस्लभेदी टिप्पणी किए जाने की बातें सामने आई थीं। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या की वजह आपसी विवाद सामने आई है। अधिकारियों ने यह भी कहा था कि मामले में नस्लीय टिप्पणी से जुड़े दावों की पुष्टि नहीं हुई। हमले में एंजेल का छोटा भाई भी घायल हुआ था, जो बाद में अपनी पढ़ाई छोड़कर त्रिपुरा लौट गया।
इलाज के दौरान हुई थी छात्र की मौत
त्रिपुरा निवासी 24 वर्षीय एंजेल चकमा देहरादून में एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे। उन पर 9 दिसंबर को जानलेवा हमला हुआ था, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 17 दिनों तक उपचार चलने के बाद 26 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने छात्र समुदाय और स्थानीय लोगों के बीच भी व्यापक चर्चा पैदा की थी।
छह आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
पुलिस ने इस हत्याकांड में कुल छह लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी को छोड़कर पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें बाद में किशोर न्याय बोर्ड से जमानत मिल गई। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर पहले ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है।
प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर पुलिस की नजर
जांच अधिकारियों का कहना है कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की तलाश आसान होगी। पुलिस संबंधित एजेंसियों और नेपाल सरकार के साथ आवश्यक पत्राचार कर रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को भारत लाया जा सके। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।