Election Roll Update – उत्तराखंड में बूथ स्तर पर होगी वोटर सूची विवादों की सुनवाई
Election Roll Update– उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी अनंतिम मतदाता सूची में सामने आई त्रुटियों के निस्तारण की प्रक्रिया अब बूथ स्तर पर ही पूरी की जाएगी। राज्य निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को नाम, आयु या अन्य विवरणों में गड़बड़ी संबंधी नोटिस मिले हैं, वे अपने संबंधित बूथ पर आवश्यक दस्तावेज जमा कर रिकॉर्ड में सुधार करा सकते हैं।

बूथ स्तर पर होगा समस्याओं का समाधान
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर सभी दावे, आपत्तियां और दस्तावेजों की जांच बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) करेंगे। यदि कोई मतदाता बीएलओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष अपील कर सकता है। इसके बाद भी असहमति रहने पर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) और अंत में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय तक अपील का प्रावधान रखा गया है।
19 लाख से अधिक रिकॉर्ड में मिलीं विसंगतियां
निर्वाचन विभाग की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में अब तक 19 लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड में नाम, आयु या अन्य जानकारियों से जुड़ी विभिन्न विसंगतियां चिन्हित की गई हैं। इन सभी मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर जानकारी का सत्यापन करा सकें।
13 अगस्त तक दर्ज किए जा सकेंगे दावे और आपत्तियां
मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के इच्छुक नागरिक 13 अगस्त तक Form-6 जमा कर सकते हैं। वहीं, पहले से दर्ज विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर Form-8 के माध्यम से संशोधन का अनुरोध किया जा सकता है। विभाग ने सभी बूथों पर अनंतिम मतदाता सूची उपलब्ध करा दी है, जबकि इसका डिजिटल संस्करण मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित किए जाने की योजना है।
अपील की प्रक्रिया तय, समय सीमा भी निर्धारित
निर्वाचन विभाग ने अपील की पूरी व्यवस्था भी तय कर दी है। बीएलओ के फैसले के खिलाफ सबसे पहले AERO के समक्ष अपील की जा सकती है। यदि वहां से भी समाधान नहीं मिलता है, तो 15 दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में अपील दायर की जा सकती है। अंतिम स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष 30 दिनों के भीतर अपील का विकल्प रहेगा। प्रत्येक स्तर पर अपील का निपटारा एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई जिलों में नोटिस वितरण की रफ्तार धीमी
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दूसरे चरण में नोटिस जारी करने की गति कई जिलों में अपेक्षा से कम बताई गई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विवरण संबंधी विसंगतियों वाले करीब 19 लाख और लगभग 5.26 लाख अनमैप मतदाताओं सहित कुल 24 लाख से अधिक मामलों में अब तक केवल करीब चार लाख नोटिस ही जारी किए जा सके हैं। जबकि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 13 अगस्त है और अभियान के लिए सीमित समय शेष है।
तेजी लाने के निर्देश, कैंप भी लगाए जाएंगे
निर्वाचन विभाग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को नोटिस वितरण अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। मैदानी क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ या उसके निकट विशेष शिविर आयोजित करने की भी योजना बनाई गई है, ताकि लोग आसानी से अपने दस्तावेज जमा कर सकें। विभाग के अनुसार, अल्मोड़ा, चंपावत और पौड़ी जिलों में कार्य अपेक्षाकृत तेज गति से चल रहा है, जबकि रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी के साथ देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में प्रक्रिया को और गति देने की आवश्यकता बताई गई है।