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AgricultureEducation – रोहिलखंड विश्वविद्यालय में नए कृषि भवन से शुरू होगा शैक्षणिक सत्र

AgricultureEducation – महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय में कृषि शिक्षा को आधुनिक सुविधाओं के साथ नई दिशा मिलने जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया है कि कृषि संकाय के लिए तैयार किए गए नए शैक्षणिक भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों की कक्षाएं इसी भवन में संचालित करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय के अनुसार भवन का औपचारिक उद्घाटन इसी महीने के तीसरे सप्ताह में किए जाने की संभावना है।

rohilkhand agriculture building launch

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा नया परिसर

नवनिर्मित भवन में विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक कक्षाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अनुरूप आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यवहारिक अनुभव आधारित शिक्षा प्रदान करना है। इसके लिए लर्निंग बाय डूइंग मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे छात्र प्रयोगों और फील्ड आधारित गतिविधियों के माध्यम से विषय को बेहतर ढंग से समझ सकें।

एक वर्ष बाद नई इमारत में होगा स्थानांतरण

विश्वविद्यालय परिसर में कृषि संकाय की नियमित कक्षाएं शुरू हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है। इस दौरान अस्थायी व्यवस्था के तहत पढ़ाई संचालित की गई थी। अब नए भवन के तैयार होने के बाद पूरे संकाय को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं से विद्यार्थियों के अध्ययन और शोध कार्य को नई गति मिलेगी।

नए सत्र में बढ़ेंगे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

कृषि संकाय के अध्यक्ष प्रो. उपेंद्र कुमार ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से दो नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इनमें कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) और पादप रोग विज्ञान (प्लांट पैथोलॉजी) शामिल हैं। इन विषयों की शुरुआत से कृषि क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के इच्छुक छात्रों को विश्वविद्यालय में ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे शोध और तकनीकी अध्ययन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

क्षेत्र के छात्रों को मिलेगा लाभ

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि नया भवन केवल एक शैक्षणिक ढांचा नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक विद्यार्थियों को अब तक उच्च स्तरीय कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के संस्थानों का रुख करना पड़ता था। नए भवन और विस्तारित पाठ्यक्रमों से क्षेत्र के छात्रों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

शोध और कौशल विकास को मिलेगी नई गति

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि आधुनिक प्रयोगशालाओं और उन्नत शिक्षण संसाधनों की मदद से विद्यार्थियों की व्यावहारिक क्षमता मजबूत होगी। साथ ही कृषि अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास से जुड़े कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे भविष्य में कृषि क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

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