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JurisdictionCase – गुरुग्राम की घटना पर बरेली में मुकदमे को अदालत ने माना अधिकार क्षेत्र से बाहर

JurisdictionCase – हरियाणा में हुई एक कथित घटना को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दर्ज कराए गए आपराधिक मुकदमे पर अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच के आधार पर कथित घटना का संबंध गुरुग्राम से है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी पति की डिस्चार्ज अर्जी स्वीकार करते हुए उसे मामले से उन्मोचित करने का आदेश दिया। साथ ही आदेश की प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली को भेजकर मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई और जांच अधिकारी की भूमिका पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मुकदमे की पृष्ठभूमि

मामला पीलीभीत जिले के रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसकी बहन कमला देवी की शादी नवाबगंज क्षेत्र के निवासी रमेश चंद्र से हुई थी और पति ने उसकी हत्या कर दी। इस शिकायत के आधार पर बरेली के नवाबगंज थाने में पति और उसके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

बचाव पक्ष ने उठाया क्षेत्राधिकार का मुद्दा

सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से दाखिल डिस्चार्ज अर्जी में कहा गया कि प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों के अनुसार दंपति गुरुग्राम के भोडसी थाना क्षेत्र स्थित मोहननगर इलाके में रह रहे थे। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि कथित घटना से पहले महिला का इलाज भी वहीं कराया गया था। अदालत के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और तर्कों में यह भी कहा गया कि उपचार के दौरान महिला चिकित्सक से सामान्य रूप से बातचीत कर रही थी और बाद में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी।

जांच में भी सामने आया गुरुग्राम का संदर्भ

अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि विवेचना के दौरान दर्ज गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य भी घटना स्थल के रूप में गुरुग्राम की ओर संकेत करते हैं। जांच के शुरुआती चरण में भी विवेचक ने कथित घटना का स्थान हरियाणा माना था। इसके बावजूद संबंधित क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय बरेली में आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिस पर अदालत ने सवाल उठाए।

अदालत ने दिया महत्वपूर्ण निर्देश

सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने माना कि उपलब्ध तथ्यों के अनुसार इस मामले की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र बरेली न्यायालय के पास नहीं बनता। इसी आधार पर आरोपी रमेश चंद्र की डिस्चार्ज अर्जी मंजूर कर उन्हें इस मुकदमे से उन्मोचित करने का आदेश दिया गया। अदालत ने अपने आदेश की प्रति एसएसपी बरेली को भी भेजी है, ताकि मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी उचित स्तर पर विचार किया जाए।

क्षेत्राधिकार का महत्व फिर आया सामने

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आपराधिक मामले में घटना स्थल का अधिकार क्षेत्र न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होता है। यदि जांच के दौरान यह स्पष्ट हो जाए कि कथित घटना किसी दूसरे राज्य या जिले में हुई है, तो उसी क्षेत्र के सक्षम न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई होना आवश्यक माना जाता है। इस फैसले ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि आपराधिक मामलों में क्षेत्राधिकार से जुड़े नियमों का पालन न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

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