MurderCase – केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच तेज, नए साक्ष्यों पर रहेगा पुलिस का फोकस
MurderCase – पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत से जुड़े मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। जांच के दौरान एक अतिरिक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है और कुछ नए गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, फोरेंसिक जांच के साथ डिजिटल साक्ष्यों का भी विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

पुलिस ने जांच में प्रगति का किया दावा
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच एजेंसियों के पास ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर मामले की विभिन्न परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच का एक पहलू कथित वित्तीय लेनदेन से भी जुड़ा है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या मृतक ने आरोपी सिया गोयल को किसी प्रकार की धनराशि दी थी। इस संबंध में जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है।
आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
शुक्रवार को पुणे की अदालत ने मामले की आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दोनों पर आरोप है कि 18 जून को लोहागढ़ किले के पास केतन अग्रवाल की हत्या की गई। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मोबाइल डेटा बना जांच का अहम हिस्सा
अभियोजन पक्ष ने अदालत से पुलिस हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था। उसका कहना था कि आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त कुछ संदेश और बातचीत संकेतों तथा कथित कोड भाषा में हैं, जिनका अर्थ स्पष्ट करने के लिए आगे पूछताछ आवश्यक है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पुलिस को पहले ही पर्याप्त समय मिल चुका है और अतिरिक्त हिरासत की जरूरत नहीं है। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद पुलिस की अतिरिक्त हिरासत संबंधी मांग स्वीकार नहीं की।
घटनास्थल और अन्य स्थानों का किया निरीक्षण
जांच के तहत पुलिस टीम ने लोहागढ़ किले के आसपास के इलाके का दोबारा निरीक्षण किया और चिन्हित स्थानों का पंचनामा तैयार किया। अधिकारियों ने आरोपों से जुड़े घटनाक्रम को समझने के लिए संबंधित स्थानों का विस्तृत परीक्षण किया। प्रारंभिक चरण में इसे दुर्घटना बताया गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान सामने आए परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की दिशा बदलते हुए हत्या की आशंका के तहत जांच आगे बढ़ाई।
फोरेंसिक और वैज्ञानिक जांच पर जोर
पुलिस ने घटना वाले दिन सिया गोयल द्वारा पहने गए कपड़ों को भी जब्त कर फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा है। इसके अलावा उन स्थानों का भी निरीक्षण किया गया, जहां दोनों आरोपियों के एक साथ जाने की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है। पुलिस इन सभी तथ्यों को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला तैयार करने का प्रयास कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक साक्ष्य का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा रहा है।
आगे की जांच जारी
जांच के क्रम में पुलिस ने सिया गोयल के लोनावला स्थित आवास की भी तलाशी ली है। अधिकारियों का उद्देश्य मामले से जुड़े संभावित साक्ष्यों की तलाश करना है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि आवश्यक कानूनी अनुमति मिलने के बाद दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर परीक्षण कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है।