AgraMurder – आगरा हत्याकांड में बाथरूम के नीचे मिला शव, जांच में सामने आए कई नए तथ्य…
AgraMurder – आगरा में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत का मामला पुलिस जांच के बाद कथित हत्या में बदल गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान महिला ने पति की हत्या के बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे छिपाने की बात स्वीकार की है। फिलहाल मामले के हर पहलू की वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है।

पेंशन विवाद के दौरान खुला मामला
पुलिस के अनुसार, घटना का खुलासा परिवार में पेंशन की राशि को लेकर हुई चर्चा के बाद हुआ। बताया गया कि मृतक की पेंशन का पैसा आरोपी महिला के खाते या उसके नियंत्रण में रहता था। जब परिवार के एक सदस्य ने बैंक से भुगतान की जानकारी ली, तो पता चला कि पेंशन पहले ही जारी हो चुकी है। इसके बाद हुए विवाद के दौरान कथित रूप से ऐसी जानकारी सामने आई, जिसके आधार पर पुलिस तक मामला पहुंचा और जांच की दिशा बदल गई।
पूछताछ में सामने आया घटनाक्रम
जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने पति को कथित रूप से नींद की दवा देने और बाद में उसकी हत्या करने की बात बताई है। पुलिस के अनुसार, इसके बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दबा दिया गया, जिससे घटना लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के बयान के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों का भी मिलान किया जा रहा है और जांच अभी जारी है।
फिल्म से प्रेरणा लेने के दावे की भी जांच
पूछताछ में आरोपी ने यह भी दावा किया कि शव छिपाने का तरीका उसे एक फिल्म देखकर याद आया था। पुलिस फिलहाल इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि करने में जुटी है। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पड़ोसियों से पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि मृतक के लापता होने के बाद महिला सामान्य व्यवहार करती रही, जिससे आसपास के लोगों को किसी अनहोनी का संदेह नहीं हुआ।
मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की हो रही जांच
जांच टीम घर से मिले मोबाइल फोन और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस कॉल डिटेल, इंटरनेट गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझा जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यदि आवश्यक हुआ तो डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
परिवार के सदस्यों से भी जुटाई जा रही जानकारी
पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों और बच्चों से भी बातचीत कर रही है, ताकि घटना से पहले के हालात और घर के माहौल को समझा जा सके। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि क्या किसी को पहले से किसी विवाद या असामान्य गतिविधि की जानकारी थी। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर समान रूप से काम कर रही है।